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उत्तराखंड में पर्यटन की संभावनाएं

उत्तराखंड कई प्रकार के पर्यटन स्थल कुछ प्राकृतिक और कुछ मानवकृत द्वारा बनाई गये पर्यटन स्थल हैं। तथा यहां पर पर्यटक के बहुत अपार संभावनाएं। तथा यह पर्यटक उत्तराखंड की संस्कृति एवं राजनीति एवं आर्थिक विकास में बहुत महत्वपूर्ण है।

तथा इन पर्यटकों के द्वारा ही आज उत्तराखंड की संस्कृति विश्वा स्तर पर प्रसिद्ध हैं। तथा यहां पर मीडिया के जरिए समय-समय पर यहां की संस्कृति को प्रकाशित किया जाता है। मैं यहां पर आपको किस्म किस्म के पर्यटन एवं संस्कृति की धरोहर यहां पर बहुत महत्वपूर्ण है। तथा यहां पर देश विदेश से काफी लोग यहां के पर्यटक को बढ़ावा देते हैं।

उत्तराखंड के पर्यटन स्थल
उत्तराखंड के पर्यटन स्थल

बद्रीनाथ मंदिर

बद्रीनाथ कहां स्थित है
बद्रीनाथ कहां स्थित है

बद्रीनाथ पुराणों में सर्वश्रेष्ठ एवं पाैराणिक मंदिर चार धामों में से पवित्र धाम है। तथा यह एक प्राचीन धाम है। बद्रीनाथ मंदिर में नारायण पर्वत की शिखरों के मध्य (10, 300) फिट की ऊंचाई पर अलकनंदा नदी के किनारे पर यह मंदिर स्थित है। यहाँ पर गरम पानी और तप्त कुंड के पास में स्थित है। बद्रीनाथ की पूजा मुख्य पांच स्थलों पर भिन्न-भिन्न नामों और विभिन्न मंदिरों से प्रसिद्ध है। तथा यहां पर गणेश जी की पूजा होती है।

केदारनाथ मंदिर

यह पांडवों के समय से चला आ रह है यह केदारनाथ प्राचीन मंदिर है । जो समुद्र तल से 13000 फिट की ऊंचाई पर स्थित है तथा इस मंदिर में शिव भगवान की पूजा होती है तथा यह मंदिर हिमालय की तलहटी में बसा एक पवित्र मंदिर है। तथा यह मन्दाकिनी नदी की तट पर स्थित है।

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कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान (नैनीताल)

यह हिमालय एवं शिवालिक पर्वत श्रेणियों के अंचल में प्रवाहित रामगंगा के दोनों और स्थित कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान अनेक अनुपम प्राकृतिक छटा एवं वन्य प्राणियों के बाहुल्य के लिए विश्व विख्यात है। यह उद्यान देश-विदेश के पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण का केंद्र है। तथा इसे भारत का राष्ट्रीय उद्यान होने का गर्व होता हैहै तथा यहाँ पर प्रत्येक दिन हजारों की संख्या में लोग देखने के लिए आते हैं।

रानीखेत (अल्मोड़ा)

इस पर्वतीय नगरी तक अल्मोड़ा और नैनीताल से भी आसानी से पहुंचा जा सकता है। यहां अनेक सुन्दर स्थल चीड़ के वन और फलाें के बाग भी है। यहाँ पर चाैबटिया में राज्य सरकार के फलाें के बागान हैं।

उत्तराखंड के पर्यटन स्थल
उत्तराखंड के पर्यटन स्थल

मसूरी (देहरादून)

यह देहरादून से 35 किलोमीटर की दूरी 6500 फीट की ऊंचाई पर बसी मसूरी उत्तराखण्ड की सर्वोत्तम पर्वतीय बस्ती है। इससे पर्वतीय स्थानों की रानी भी कहा जाता है यहां पर्यटकों की सुविधा के लिए राज्जु मार्ग भी है। यहां अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है यहां गर्मियों में मसूरी का मौसम बहुत सुंदर और आकर्षक होता है। यहां पर देश-विदेश के हजारों सैलानी गर्मी के मौसम में ठहरने के लिए एवं आनंद लेने के लिए यहां पर लोग आते हैं।

मुनी की रेती (ऋषिकेश)

मुनी की रेती ऋषिकेश में कैलाश आश्रम विटठल आश्रम पर ओंकरानन्द संस्था आदि है। मुनि की रेती में नाव के द्वारा गंगा पार करके स्वर्ग आश्रम व गीता भवन भी काफी प्रसिद्ध है। यहाँ पर एक झूला भी है जिसे राम झूला के नाम से भी जाना जाता हैं।

भरत मंदिर (ऋषिकेश)

भरत मंदिर ऋषिकेश में भगवान विष्णु नै रैम्य काे दर्शन दिए थे। भगवान विष्णु ने ऋषि को बताया था कि त्रेता युग में राजा दशरथ के पुत्र भरत जो हमारे चतुर्थांश भाग है हमको यहां स्थापित करेंगे यही मूर्ति कलयुग में भरत के नाम से विख्यात होगी। तथा इस मंदिर में जो भी भरत के नाम से मेरा म यहां नमन करेगा उसको निश्चित रूप से मुक्ति मिलेगी। तथा यह मंदिर काफी का भी प्रसिद्ध है।

लक्ष्मण झूला (ऋषिकेश)

लक्ष्मण झूला ऋषिकेश मैं 4 किलोमीटर की दूरी पर उत्तर- पश्चिम में माेटर मार्ग से एक सड़क गंगा नदी तक जाती है नदी पर लोहे के रस्सी से द्वारा निर्मित 1 झूला पुल है जिसे लक्ष्मण झूला कहते हैं। गंगा नदी को इस पुल द्वारा पार कके लक्ष्मण झूला पहुंचा जाता है। लक्ष्मण झूला मैं लक्ष्मण मंदिर, गणेश मंदिर ,हनुमान मंदिर, के बड़े बड़े मंदिर हैं यह स्थान चारों ओर से घने जंगल से घिरा हुआ है।

उत्तराखंड के पर्यटन स्थल
उत्तराखंड के पर्यटन स्थल

हेमकुंड (चमोली)

हेमकुंड यह सिखों का एक मंदिर है। जो बद्रीनाथ के करीब पड़ता है तथा यू 14000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां पर सिखों के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह हिंदू धर्म के रक्षा के लिए इसी रमणीय ताल के समक्ष तप किया था। इस ताल के पास मैं लक्ष्मण की तपोभूमि है यहां लक्ष्मण का एक मंदिर और एक मूर्ति स्थापित है सिखू ने इस स्थल पर गुरुद्वारा बना लिया है ।

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