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परागकोश की संरचना तथा विकास । परिपक्व परागकोश

इस अविकसित परागकोश में बाह्यत्वचा के भीतर चार कोनों से चार कोशिकाएँ विभाज्यीय हो जाती हैं और इनके तेजी से विभाजन के कारण यह गोल से चार पाली वाली (four lobed) हो जाती हैं।

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