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दीपावली का महत्व ?

माता लक्ष्मी
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माता लक्ष्मी

माना जाता है कि दिपावली सबसे पहले जब राम वनवास से 12 वर्ष अयोध्या से घर लौट रहे थे। तब वहां की प्रजा ने राम, लक्ष्मण सीता का भव्य स्वागत किया था। तब से यह रीति रिवाज आज तक चले आ रहें हैं। यह हिंदू धर्म का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है। दीपावली कार्तिक मास के अमावस्या को मनाया जाता है। दीपावली अंधकार प्रकाश की ओर प्रज्वलित करता है।

दीपावली का परिचय

दीपावली दो शब्दों से मिलकर बना ‘दीप’ अर्थात दीया ‘अरावली’ अर्थात लाइन या श्रृंखला से बनाया है। भारत देश को त्योहारों का देश भी कहा जाता है। क्योंकि यहां पर धार्मिक , सामाजिक कार्यक्रम अपने संस्कृति को बनाए रखने के लिए धरोहर सिखाते हैं। दीपावली दशहरा और विजयदशमी के 20 दिन बाद यह त्यौहार आता है दीपावली के मौके पर लोग मिट्टी के दिए और तेल रुई से दीप जलाते हैं। तथा इस त्यौहार से घर-घर में खुशी का माहौल रहते हैं। माना जाता है कि दीपावली का त्यौहार 5 दिन तक चलता है। पहले दिन धनतेरस ,दूसरे दिन रूप चतुर्दशी, तीसरे दिन दीपावली, चौथे दिन गोवर्धन पूजा, पांचवे दिन भैया दूज, का त्योहार हाेता हैं।

धनतेरस- माना जाता है धनतेरस दीपावली का महत्व त्योहार है इस दिन लोग अपने धन की पूजा करते हैं और कुबेर देवता को याद करते हैं। इस दिन जो भी लोग खरीदारी करता है। वहां शुभ माना जाता है। तथा यह परंपरा प्राचीन समय से चले आ रही है।

रूप चतुर्दशी- रूप चतुर्दशी को छोटी दीवाली भी कहा जाता है। इस दिन कार्तिक चतुर्दशी (रूप चतुर्दशी) विधि विधान से पूजा होती है। इस दिन लोग अपने घर में दीए की रोशनी रात भर जलाये रखतें है।

गोवर्धन पूजा- इस दिन लोग अपने पशुओं गाय को पूजते हैं और कृष्ण इंद्रलोक के परकाेप गोकुल निवासियों की रक्षा करने के लिए गोवर्धन पर्वत अपने उंगली में उठा लिया था इस से गोकुल निवासी की रक्षा करता है और इंद्र देव के घमंड को तोड़ दिया था।

दीपावली
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दीपावली की रंगोली

भैया दूज- भैया दूज इस दिन माना जाता है कि बहन भाई के माथे पर तिलक लगाक लंबी आयु कामना करती हैं। और इस दिन बहन अपने भाई के लिए हम व्रत भी रखते हैं। भाई दूज, भैया दूज, भाई टीका, आदि नामों से भी जाना जाता है। भाई दूज के दिन मृत्यु के देवता यमराज को भी पूजा जाता है। और लंबी आयु की कामना करते हैं।

दीपावली का इतिहास

माना जाता है जब लंका के राक्षस रावण विजय पाकर जब राम घर लौट रहे थे तब राम की पत्नी का सीता को रावण के कैद से छुड़वाया था। तब राम 12 वर्ष वनवास से घर लौटे थे तब अयोध्या निवासियों ने राम की घर आने की खुशी में दिए जलाये थे। तब से आज तक यह रीत रिवाज चले आ रहे हैं। तथा योग कार्यक्रम अयोध्या में 2 साल तक दिए जले रहे

दीपावली से लाभ

दीपावली से घर-घर में खुशी का माहौल रहता हैं। और एक दूसरे से मिलने का मौका मिलता है। और भाई बहन का प्यार मिलता है। तथा दीपावली के घर में नयें नयें दीप के साथ दीपावली क्यों मनाते हैं। तथा दीपावली में लोग घरों में ड्राइंग इत्यादि भी बनाते हैं।

दीपावली से हानि

दीपावली से पर्यावरण, वातावरण पर काफी प्रभाव पड़ता है। दीपावली से वायु प्रदूषण दो-तीन दिनों तक देखने को मिलता है। तथा दीपावली में घरों फटाके इत्यादि से काफी प्रभाव पड़ता है।

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